जौनपुर : गुजरताल से मेहमान परिंदो की अपने वतन वापसी शुरू
पक्षियों में बर्ड फ्लू की सूचना पर गुजरताल पहुँचा पशुपालन विभाग
हवा में उड़ने वाले परिंदो को बर्ड फ्लू की संक्रमण का खतरा बढ़ा
खेतासराय।
अज़ीम सिद्दीकीतहलका 24x7
विदेशी पक्षी साइबेरियन की गुजरताल से अपने वतन के लिए वापसी शुरू हो गयी है। हालांकि यहाँ तालों में बढ़ते प्रदूषण और अन्य कारणों से परिंदो की आमद कम रही।गुजरताल सहित आसपास तालों में कड़ाके की ठण्ड में आमद के बाद फ़रवरी अंतिम और मार्च के शुरुआत में वतन लौटना शुरू कर देते है। वारणसी में एक कौए में बर्ड फ्लू के लक्षण मिलने से पूर्वांचल में हड़कंप मचा हुआ है। सतर्कता के चलते डॉक्टरों का पैनल गुजरताल पहुँचा।
अपने यहाँ आशियानों में अत्यधिक बर्फ़ के चलते प्रवासी पक्षी हजारों किमी की दूरी तय कर भारत की तरफ़ रुख करते है। मनोरम स्थल पर जमावड़ा होता है। इस दौरान उनका प्रजनन काल भी होता है। पूरे तीन माह यहाँ रहते है।तब तक उनके बच्चे को पंख आ जाता है। फिर ये सैलानी अपने मुल्क वापस हो जाते है।इनका मुख्य भोजन छोटी मछली और उससे मेल खाते कीड़े होते है। जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर गुजरताल ताल है जो 216.29 एकड़ में फैला है। ताल के पट्टे के चलते मछली पलकों की अत्यधिक आमद और शिकारियो की तायदाद में इजाफा से आमद की संख्या घटी है। आज स्वास्थ विभाग का एक अमला गुजरताल पहुँचा। पशु चिकित्साधिकारी बिपिन कुमार सोनकर ने बताया कि साइबेरियन सहित उड़ने वाली पक्षी, जो लंबी दूरी तय करता है उसमें बर्ड का संक्रमण पाया जा सकता है। यहाँ गुजरताल पर किसी भी प्रजाति का पक्षी मृत नही मिला है। फिर भी सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि पक्षियों के नाक से पानी आना, फ़ीदर या फ़ीकल मैटेरियल और आँख से कीचड़ आना लक्षण है। इसका कोलाइकल एंड ट्रैकल से सेम्पल कलेक्ट कर लैब भेजा जाता है। अभी यहाँ पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है।

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