जौनपुर : आइये, "दोहरा मुक्त जौनपुर" बनाने में डीएम की शानदार पहल का करें स्वागत

जौनपुर : आइये, "दोहरा मुक्त जौनपुर" बनाने में डीएम की शानदार पहल का करें स्वागत


ऐसे संवेदनशील जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह को दिल से सैल्यूट




जौनपुर।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24x7
                  जिलाधिकारी जौनपुर दिनेश कुमार सिंह द्वारा दोहरा बेचने वाले और खाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और जुर्माना के आदेश से जिले में हड़कंप मच गया है जिलाधिकारी की इस शानदार पहल की जितनी भी प्रशंसा की जाय कम है। हम सभी जौनपुर वासियों को भी इस निर्णय का खुलकर स्वागत करना चाहिए, क्योंकि इस पहल से जौनपुर को कैंसर मुक्त किया जा सकता है। ऐसे संवेदनशील जिलाधिकारी की शानदार पहल को दिल से सैल्यूट करना चाहिए।
     
             
बताते चलें कि जौनपुर जिले के बसालतपुर गांव से दोहरे की उत्पत्ति हुई दोहरे की लत ने धीरे-धीरे पूरे जौनपुर को अपने आगोश में ले लिया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के संरछण में जौनपुर का दोहरा जिले के लिए मीठा जहर साबित हुआ। दोहरा के सेवन से माउथ कैंसर के चलते सैकड़ों लोगों की मौतें हो चुकी है। जिले में सैकड़ों की तादाद में लोग आज भी माउथ कैंसर की चपेट में है जिनका इलाज टाटा कैंसर हॉस्पिटल एंव प्रिंस अली खान हास्पिटल मुंबई में चल रहा है। चर्चा तो यहां तक है कि देश के 6 माउथ कैंसर के मरीज़ों में एक जौनपुर का रहता है।

वैसे तो दोहरा पर प्रतिबंध की मांग काफी अरसे से चली आ रही है। लेकिन 2011 में इसकी शुरुआत तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट बाल मयंक मिश्र ने वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह की शिकायत पर की थी। तत्कालीन जिलाधिकारी गौरव दयाल के निर्देशन में ईमानदार और कर्मठ सिटी मजिस्ट्रेट बाल मयंक मिश्र ने मई 2011 में दोहरा पर प्रतिबंध लगाया। इस दौरान मीडिया से जुड़े कुछ लोगों ने दोहरा कारोबारियों के पक्ष में पैरवी की और अधिकारियों को घूस का भी प्रलोभन भी दिया लेकिन अधिकारी अपने कर्तव्य से विमुख नहीं हुए। खाद्य एवम् औषधि प्रशासन विभाग से मिली भगत करके दोहरा कारोबारियों ने जिला जज की अदालत से प्रशासन के आदेश के खिलाफ स्थगन ले लिया। जिला जज के आदेश के खिलाफ प्रशासन की ओर से हाई कोर्ट में अपील की गई। दोहरा कारोबारियों के दबाव में खाद्य एवम् औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मजबूती से पैरवी नहीं की गई।
       
     
इस दौरान युवा नेता विकास तिवारी और पंकज सोनकर सरीखे युवाओं ने दोहरा के खिलाफ मुहिम चलाई कई बार धरना प्रदर्शन और आंदोलन भी किया। गत 16 जून 2017 को तत्कालीन जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्रा ने खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों को बुलाकर बैठक की और दोहरा पर प्रतिबंध लगा कर कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद सभी दोहरा कारोबारियों की सैम्पलिंग ली गई जो जांच में फेल हो गई। सैम्पल फेल पास के खेल में खाद्य एवं औषधि विभाग की संलिप्तता किसी से छुपी नहीं है। प्रतिबंध के बावजूद खाद्य एवं औषधि विभाग और पुलिस विभाग के संरछण में दोहरा कारोबार फलने फूलने लगा।
                 
विगत दिनों दोहरा से होने वाले नुकसान के बारे में  जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह को जानकारी
दी गई। जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर दोहरा कारोबारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने का आदेश दिया है। साथ ही दोहरा खाने वालों पर भी 300 रुपये जुर्माना और दोहरा खाते समय की फोटो होर्डिंग पर लगवाने का भी आदेश दिया है। इस आदेश से दोहरा कारोबारियों और दोहरा खाने वालों में हड़कंप मच गया है।

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