जौनपुर : पारिवारिक कलह से ऊबकर स्काउट गाइड प्रशिक्षक ने लगाई फांसी
सुसाइड नोट में दो बहन व एक भाई को बनाया इस हालात को पैदा करने का जिम्मेदार
सुसाइड नोट के अंतिम शब्द थे "ईश्वर दहेज लोभियों के परिवार में बेटों को जन्म ना दे"
फूल कुमार जी के अंतिम संस्कार में नहीं शामिल हुए पिता, भाई व बहनोई, पट्टीदार ने दिया मुखाग्नि
स्काउट गाइड प्रशिक्षक, सर सैय्यद अहमद इंटर कालेज के अध्यापक व बेबाक पत्रकार के रूप में थी उनकी बेदाग छवि
तहलका 24x7 न्यूज़ के संस्थापक सदस्य थे मृदुल स्वभाव के धनी फूल कुमार प्रजापति जी
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| फाइल फोटो फूल कुमार प्रजापति |
शाहगंज।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24x7
नगर के शाहपंजा मोहल्ला निवासी व सर सैय्यद अहमद इन्टर कालेज सबरहद में स्काउट गाइड के अध्यापक फूल कुमार प्रजापति ने पारिवारिक कलह से ऊबकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर लगते ही उनके आवास पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना के तीन घंटे के बाद पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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| सुसाइड नोट भाग - 1 |
मृतक फूल कुमार का विवाह तीन वर्ष पूर्व जौनपुर के फिरोशेपुर निवासी विरेन्द्र प्रजापति की पुत्री सुविधा उर्फ कोमल से हुआ था। जिसमें मृतक ने शादी में दहेज नही लिया था। इसी बात को लेकर परिवार में आए दिन कलह का माहौल रहता था। रोजाना की कलह से तंग आकर अध्यापक ने शनिवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने अपनी सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिममेदार अपने भाई व दो बहनों को बताया। मृत्यु से पूर्व लिखे गए पत्र में कहा कि शादी के बाद से ही मेरी पत्नी व मुझे इतना परेशान किया गया कि बेबस होकर मुझे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। शिक्षित होने के नाते समाज मुझे गलत कहेगा लेकिन ईश्वर से यही प्रार्थना है कि "दहेज लोभियों के परिवार में बेटे को जन्म न दे" मृतक की डेढ़ वर्ष की एक पुत्री है।
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| सुसाइड नोट भाग - 2 |
# अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे पिता व भाई
जनपद मुख्यालय से पोस्टमार्टम के उपरांत फूल कुमार प्रजापति का अंतिम संस्कार जौनपुर रामघाट पर सम्पन्न हुआ। फूल कुमार प्रजापति के अंतिम संस्कार में उनके शुभचिंतक लखनऊ, प्रयागराज, आजमगढ़ आदि स्थानों से रामघाट पहुंच गए लेकिन परिवार की कटुता इस कदर हावी रही कि मृतक फूल कुमार प्रजापति के अंतिम संस्कार में उनके पिता, भाई, बहनोई शामिल नहीं हुए। उनको मुखाग्नि उनके पट्टीदार अमर देव प्रजापति ने दिया। रामघाट पर चर्चा का विषय बना रहा कि फूल कुमार प्रजापति जी ने सुसाइड नोट में जिन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है आखिरकार वह सभी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए।
# तहलका 24x7 न्यूज़ के संस्थापक सदस्य थे फूल कुमार प्रजापति जी
दो वर्षों में तहलका 24x7 न्यूज़ पोर्टल को पहचान दिलाने में बेबाक पत्रकार फूल कुमार प्रजापति जी ने अहम भूमिका निभाई थी। समसामयिक व समस्यात्मक खबरों के लिए उनकी एक अलग ही पहचान थी। तहलका 24x7 न्यूज़ के स्लोगन "जहाँ नज़र वहाँ खब़र" को फूल कुमार जी ही सार्थक किया था। तहलका 24x7 न्यूज़ की मुहिम "सांसे हो रही है कम आओ मिलकर पेड़ लगाए हम" जैसे तमाम कार्यक्रम में उनकी अग्रणी भूमिका रही। लेखनी के धनी पत्रकार फूल कुमार प्रजापति जी लखनऊ से प्रकाशित साप्ताहिक अखबार "स्पूतनिक" से भी जुड़े थे।



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