जौनपुर : राम भरोसे ही चल रहा है पट्टी नरेंद्र पुर स्थित पशु चिकित्सालय

जौनपुर : राम भरोसे ही चल रहा है पट्टी नरेंद्रपुर स्थित पशु चिकित्सालय


सुईथाकलां।
राजेश चौबे
तहलका 24x7
                      जहाँ प्रदेश की भाजपा सरकार गो संरक्षण और पशु पालन के लिए सतत् प्रयासरत है पशु चिकित्सा व संरक्षण में करोड़ों रुपये व्यय कर रही है वहीं शासन की मंशा पर पट्टी नरेन्द्र पुर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय पानी फेरते हुए राम भरोसे ही नजर आ रहा है। गौरतलब है कि जनपद के अति पिछड़े क्षेत्र के दर्जनों गांवों के पशुपालकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जहां क्षेत्र के पूर्व विधायक राम पारस के अथक प्रयास के बाद पट्टी नरेन्द्रपुर में राजकीय पशु चिकित्सालय की स्थापना करवायी गयी वहीं चिकित्सालय खुलने के बाद योग्य डॉक्टर द्वारा पशुओं के इलाज की आस क्षेत्र के पशुपालकों में जग गयी थी।



पशु सेवा और पशु चिकित्सा की जमीनी हकीकत जानने के लिए "तहलका 24x7 न्यूज़" प्रतिनिधि मंगलवार की प्रातः लगभग 10.30 बजे उक्त चिकित्सालय पर पहुँचे तो वहाँ पर तैनात कर्मचारियों मे से केवल चतुर्थ श्रेणी की महिला कर्मचारी मटरा देबी साफ सफाई कर अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद नजर आई।जब उससे डॉक्टर साहब के बारे में जानकारी ली गई तो चिकित्सालय की चौंकाने वाली हकीकत नजर आई।उसने बताया कि डॉक्टर साहब कभी कभार यहाँ दर्शन देने आ जाते है बाकी क्षेत्र के पशुओं की चिकित्सा की जिम्मेदारी उसरौली निवासी अजय कुमार को दे रखी है। जिसका मोबाइल नम्बर 7054911422 अस्पताल के मुख्य द्वार पर अंकित है। ऐसी स्थिति में मजबूर पशुपालक अप्रशिक्षित चिकित्सक से इलाज कराने पर मजबूर हैं वहीं उन्हें इलाज के लिए अच्छी रकम भी देनी पड़ती है।



बात चीत के दौरान यह जानकारी हुई कि पशु चिकित्सक डॉ सूरज सिंह की तैनाती के बाद से क्षेत्र के पशुपालक अप्रिशिक्षित चिकित्सक से इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार जानकारी के बाद भी विभागीय अधिकारी मामले में अनजान बने हुए हैं जबकि जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उक्त चिकित्सालय की स्थापना की गई आज वह ऐसे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण राम भरोसे चल रहा है। चिकित्सालय की इस दुर्व्यवस्था के सन्दर्भ मे "तहलका 24x7 न्यूज़" प्रतिनिधि द्वारा जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से मोबाइल द्वारा दो बार सम्पर्क साधा गया पर दोनों बार वह मीटिंग में व्यस्त होने की बात कहकर मोबाइल फोन काट दिए।


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  1. सरहनीय पत्रकारिता

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