जौनपुर : सरकारी बेशकीमती जमीनों पर भू माफियाओं की निगाहें टेढ़ी

जौनपुर : सरकारी बेशकीमती जमीनों पर भू माफियाओं की निगाहें टेढ़ी


स्थानीय प्रशासन के शिथिल रवैये से भू माफियाओं की पौं बारह


शाहगंज।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24x7 
                            नगर में इन दिनों भू माफियाओं की चांदी कट रही है स्थानीय प्रशासन इन पर मेहरबान है इसलिए सरकारी खाली पड़ी जमीनों पर आए दिन दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया जा रहा है। जबकि प्रदेश सरकार व उच्च न्यायालय का सख्त आदेश है कि सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों पर कठोरतम दंडात्मक कार्रवायी की जाए। लेकिन प्रदेश सरकार व उच्च न्यायालय को धता बताते हुए भू माफिया अपने मंसूबे पर सफल होते नजर आ रहे हैं।

आजमगढ़ जनपद को सुल्तानपुर जनपद से जोड़ने वाले दादर बाईपास रोड स्थित हाईडिल की बेशकीमती जमीनों पर भू माफियाओं का कब्जा है इस कब्जे की शिकायत कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से की गई परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई थक हार कर एक जनहित याचिका संख्या 3874/2018 अक्षय कुमार बनाम उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य दाखिल किया गया था। माननीय उच्च न्यायालय ने गत 08 मई 2019 को निस्तारित करते हुए आदेशित किया है कि हाईडिल की जमीनों से कब्जेदारों को हटाया जाए एवं क्षतिपूर्ति की वसूली की जाए। परंतु समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई।



जनहित याचिका दायर करने वाले अक्षय कुमार ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि जयराज यादव पुत्र राम अवध यादव, कृष्ण यादव पुत्र जयराज यादव, शरद यादव पुत्र जयराज यादव, विमल यादव पुत्र जयराज यादव, अरविंद यादव पुत्र जनक राज यादव, अरविंद यादव पुत्र जनक राज यादव, गोविंद यादव पुत्र जनक राज यादव आदि ने नगर के हाईडिल की जमीन को कब्जा कर लिया है जबकि प्लाट 3816/2 एरिया 0.0280 हेक्टर, प्लाट 3838 (एम) एरिया हेक्टर, प्लाट 3839 एरिया 0.0360 हेक्टर, प्लाट 3836 एरिया 0.0080 हेक्टर, प्लाट 3837 एरिया 0.2020 हेक्टर, प्लाट 3835/1 एरिया 0.2020 हेक्टर स्थित ग्राम भादी परगना अंगुली तहसील शाहगंज के खतौनी अभिलेख में हाइडिल के नाम दर्ज है जो धारा 67 के अंतर्गत लोकल अथॉरिटी के श्रेणी में आता है जिसे उपरोक्त लोगों ने कब्जा कर रखा है।

वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाइडिल के आसपास की खाली पड़ी जमीनों के अभिलेखों में भी छेड़छाड़ कर लोग अपने नाम कराने के फिराक में है क्योंकि हाइडिल अधिकारी भू माफियाओं से किसी भी प्रकार की मोर्चा लेना नहीं चाहते है।


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