जौनपुर : ब्राह्मण देश समाज का प्रदर्शक है उसके लिए राष्ट्रहित, राष्ट्रीय संस्कृति, सभ्यता, राष्ट्रीय मूल्य ही हमेशा से सर्वोपरि रहा है - पं. राम आसरे द्विवेदी
जौनपुर : ब्राह्मण देश समाज का प्रदर्शक है उसके लिए राष्ट्रहित, राष्ट्रीय संस्कृति, सभ्यता, राष्ट्रीय मूल्य ही हमेशा से सर्वोपरि रहा है - पं. राम आसरे द्विवेदी
जौनपुर में ढाई लाख हैं ब्राह्मण मतदाता, जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी की तर्ज पर ब्राह्मण प्रत्याशी की मांग
जौनपुर।
फैज़ान अंसारी
तहलका 24x7
ब्राह्मण देश समाज का प्रदर्शक रहा है उसके लिए राष्ट्रहित, राष्ट्रीय संस्कृति, सभ्यता, राष्ट्रीय मूल्य हमेशा से सर्वोपरि रहा है। आवश्यकता पड़ने पर ब्राह्मण समाज अपने देश व समाज की उन्नति विकास एवं रक्षा के लिए अपना सर्वस्व त्याग करने में कभी पीछे नहीं रहा है यह परंपरा दधीचि द्वारा समाज की रक्षा के लिए अपनी हड्डियों तक का दान दे दिया था तब से ब्राह्मण समाज के लिए कभी पीछे नही हटा आज भी वही परंपराएं चली आ रही है उक्त बातें चाणक्य महासभा की बैठक को सम्बोधित करते हुए चाणक्य महासभा के संस्थापक पं. राम आसरे द्विवेदी ने अपने विचार व्यक्त किया।
श्री द्विवेदी ने कहा उत्तर प्रदेश में करीब 16-17 प्रतिशत मतदाता है वहीं जौनपुर में जहां ढाई लाख ब्राह्मण मतदाता है जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी की तर्ज पर ब्राह्मण प्रत्याशी की मांग है। इसको देखते हुए जौनपुर सहित अन्य ब्राह्मण बाहुल्य सीटों पर समाज के उम्मीदवारों को अधिक से अधिक टिकट देना चाहिए ब्राह्मण सदैव से राष्ट्रवादी रहा है अतः राष्ट्रवाद से ओत प्रोत दलों को इस विषय पर अवश्य ध्यान देना चाहिए।
श्री द्विवेदी ने कहा कि ब्राह्मण समाज का इतिहास प्राचीन भारत के वैदिक धर्म से आरम्भ होता है। भारत का मुख्य आधार ही ब्राह्मणों से शुरू होता है। ब्राह्मण प्राचीन व आधुनिक संस्कृति सभ्यता, ज्ञान, विज्ञान के सेतु है। आधुनिक भारत के निर्माण के विभिन्न क्षेत्र साहित्य, पांडित्य राजनीति, विज्ञान, धर्म, कला, संस्कृति, अध्यापन, सरकारी व गैर सरकारी उपक्रमों में अतुलनीय योगदान है।
श्री द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था में धीरे -धीरे ब्राह्मणों की भागीदारी लगातार कम होना आज चिंता का विषय है लोकतांत्रिक संस्थाओं व विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए समाज की पथ प्रदर्शक जाति ब्राह्मण को निशाने पर रखा जा रहा है मेरा स्पष्ट मानना है कि चुनाव में राजनैतिक दलों द्वारा ब्राह्मण समाज को कम प्रतिनिधित्व दिए जाने का सीधा असर आज राजनैतिक मूल्यों की गिरावट भ्रष्टाचार, अपराध की बढ़ोत्तरी के रूप में परलक्षित हो रही है।
इस अवसर पर विजय प्रकाश मिश्रा, हरिशंकर तिवारी, प्रेमशंकर मिश्रा, अतुल कुमार मिश्रा, रजनीश शुक्ला, ओम प्रकाश मिश्र, रजनीश पाण्डेय, शिवशंकर द्विवेदी, विद्यानिवास तिवारी, आनन्द दूबे, शिव नारायण पाठक सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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