मुम्बई : जीआरपी सिपाही ने रेल यात्री को लौटाया ट्रेन में छूटा जेवरों से भरा बैग
रेलयात्री अपने बैग को पा बरबस ही बोल पड़ा "ईमानदारी अभी भी जिन्दा है धन्यवाद जीआरपी मुम्बई"
मुम्बई।
मुकेश सेठ
तहलका 24x7
मुम्बई के लोकल ट्रेन में मुम्बईवासी अक्सर अपने बैग, सामान आदि भूल जाते है जिनमें अधिकांश लोगों को उनका सामान नहीं मिलता। जिन यात्रियों की किस्मत नीलम सोलंकी जैसी अच्छी हो तो उन्हें जीआरपी सिपाही दातार जैसे ईमानदार मिल ही जाते है। जिसने लगभग सवा 6 लाख के सोने चांदी के आभूषण रखे बैग को सौंप कर आज के इस दौर में ईमानदारी की मजबूत मिशाल कायम की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरगांव निवासी मनीष व नीलम सोलंकी शनिवार को भायंदर निवासी एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर लोकल ट्रेन से ग्रांट रोड स्टेशन जा रहे थे। बात में मशगूल होने के कारण जेवरों से भरा बैग ट्रेन में ही भूल कर उतर गए। उतरने के पश्चात सोलंकी दंपत्ति को याद आया कि ट्रेन की रेक पर जेवर वाले बैग को उसी में भूल गए। उनके चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी उन्होंने तुरंत दूसरी लोकल पकड़ कर रात के लगभग 12 बजे चर्चगेट पहुँच स्टेशन मास्टर से सम्पर्क किया तो उन्होंने कोई भी जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई।
इधर ये परेशान थे उधर ड्यूटी पर तैनात जीआरपी सिपाही दातार को ट्रेन की रैक पर छूटा आभूषणों वाला बैग मिला जिसे सिपाही ने चर्चगेट चौकी पर जाकर अपने सीनियर बाला साहेब पवार को सुपुर्द कर दिया। पुलिस आभूषण मालिक की खोज में लगी थी कि सोलंकी दंपत्ति वहाँ पहुँच कर अपनी दास्तान सुनाई पुलिस ने आभूषण के बारे में उसकी डिजाइन पहचान वजन आदि की जानकारी ली तो ये साफ हो गया कि आभूषणों युक्त छूटा बैग इन्ही लोगो का है। जीआरपी पुलिस से बैग मिलते ही मनीष एवं नीलम की खुशी का ठिकाना न रहा और बरबस ही मुंह से निकल पड़ा कि "ईमानदारी अभी भी जिन्दा है धन्यवाद जीआरपी मुम्बई"

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