मुम्बई : दाऊद के बहनोई की हत्या में शामिल अपराधी को 22 साल बाद मुम्बई पुलिस ने पकड़ा
हसीना के शौहर इब्राहिम के सनसनीखेज मर्डर में था शामिल
22 साल बाद आया था बूढ़ी माँ से मिलने, चढ़ा मुम्बई पुलिस के हत्थे
मुम्बई।
मुकेश सेठतहलका 24x7
दुनियां की दूसरे नम्बर की तेज तर्रार पुलिस यूं ही नहीं कहा जाता मुम्बई पुलिस फोर्स को इसको एक बार फिर सटीक साबित करते हुए मुम्बई पुलिस ने 22 साल से कोर्ट से जमानत लेने के बाद फरार शातिर साजिश कर्ता हत्यारे को शिकंजे में लेने में कामयाब रही।
मुम्बई क्राइम ब्रांच यूनिट 7 के इंस्पेक्टर सतीश तावड़े ने बताया कि दयानंद पुजारी उर्फ सेलियन 22 साल पूर्व दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर के शौहर इब्राहिम पारकर के मर्डर की साजिश में शामिल था। पुजारी 22 साल पूर्व 1992 में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मुम्बई से फरार हो गया था। सब इंस्पेक्टर संजय सुर्वे ने जानकारी दी कि उसकी बूढ़ी माँ कांजुरमार्ग इलाके में रहती है पुलिस 22 साल से उसको पकड़ने के लिए उसकी मां व घर पर नजर रखे हुए थी परसों जब वह अपनी बूढ़ी माँ से मिलने घर आया तो मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच टीम ने उसे दबोच लिया। जिसे कागज़ी कार्रवाई कर नागपाड़ा पुलिस के हवाले कर दिया गया।
उपनिरीक्षक ने आगे बताया कि इब्राहिम की हत्या के बाद जमानत मिलने के पश्चात पुजारी ने मुम्बई के अलग अलग इलाकों में छोटे मोटे काम करने के बाद कोर्ट के द्वारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर उत्तर प्रदेश के झांसी चला गया और वहाँ एक कैंटीन में काम करने लगा। 1996 में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद अपने बीबी बच्चों को मुम्बई से कर्नाटक के उडीपी भेज कर मुम्बई से फरार हो गया।
क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि इस कहानी में कोई सच्चाई नहीं है कि इब्राहिम पारकर की हत्या इसलिए हुई थी क्योंकि दाऊद इब्राहिम ने डॉन अरुण गवली के भाई पापा गवली का मर्डर करा दिया था। दरअसल हक़ीक़त ये थी कि हसीना का शौहर इब्राहिम पारकर दाऊद की दहशत का फायदा उठाकर समानांतर हफ्ता वसूली का रैकेट चला रहा था।

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