जौनपुर : संवेदनशून्य प्रशासन ! पीड़िता को नहीं मिला न्याय तो गांधी जयंती के दिन करेगी आत्मदाह

जौनपुर : संवेदनशून्य प्रशासन ! पीड़िता को नहीं मिला न्याय तो गांधी जयंती के दिन करेगी आत्मदाह


पिछले माह रजिस्टर्ड डाक द्वारा महामहिम से मांग चुकी है इच्छा मृत्यु, बावजूद इसके नहीं टूट रही प्रशासन की कुम्भकरणी निद्रा 


शाहगंज।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24x7
                                    भयमुक्त, अपराधमुक्त महिला सशक्तीकरण, सबका साथ सबका विकास आदि जैसे लुभावने नारों के बलबूते सुरक्षित समाज के निर्माण का दंभ भरने वाली योगी सरकार की कलई अब खुलने लगी है। कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त बनाए रखने के लिए केन्द्र से लेकर प्रदेश सरकार का हर संभव  प्रयास नाकारा साबित हो रहा है। योगीराज के कुछ बेअंदाज अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के चलते फरियादियों को न्याय नहीं दिला रहे हैं। शायद उन्हें पीड़ित पक्ष का भान नहीं है या यूँ कहें कि उन्हें अपने कर्तव्यों का मान नहीं है।

सूत्रों के अनुसार कस्बा अंतर्गत नोनहट्टा मोहल्ला में कुछ दबंगों द्वारा जमीन कब्जा करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। परंतु बार-बार शिकायत के बावजूद स्थानीय कोतवाली पुलिस गंभीर न होकर मामले को नजर अंदाज कर रही है। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि पीड़िता ने पिछले माह रजिस्टर्ड डाक द्वारा महामहिम राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु के लिए पत्र भी भेजा था। परंतु एक माह बीतने के बाद भी न ही दबंग पकड़े गये और न ही पीड़िता को न्याय मिल पाया। 

बताते चलें कि नगर के नोनहट्टा मोहल्ला निवासी संगीता यादव पत्नी भोला ने अपने सास–ससुर के नाम बैनामे की जमीन पर कई बार निर्माण करने का प्रयास किया लेकिन स्थानीय दबंगों द्वारा बलपूर्वक उन्हें रोक दिया जाता रहा। पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय निवासी कमलेश, मिथिलेश, बजरंगी व सर्वेश पुत्रगण स्व. बाबूलाल उनको और उनके नाबालिग बच्चों को मारते पीटते हैं। कारण यह है कि उन सभी दबंगों की निगाह पीड़िता की जमीन पर गड़ी है और वह उस जमीन को कब्जा करने के फिराक में रहते। इस संबंध में पीड़िता ने कई बार स्थानीय कोतवाली पुलिस, तहसील प्रशासन, थाना दिवस और तहसील दिवस पर अनेकों बार प्रार्थना पत्र दे न्याय की गुहार लगाया। लेकिन किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गयी। जिससे क्षुब्ध होकर उसने महामहिम से इच्छा मृत्यु की गुहार तक कर दिया। समय रहते न्याय न मिलने से क्षुब्ध पीड़िता अब दो अक्टूबर गांधी जयंती को आत्मदाह करेगी। यदि प्रशासन नहीं चेता तो नगर में बड़ा हादसा हो सकता है।

 पीड़िता द्वारा राष्ट्रपति को दिये गये पत्रक की प्रति मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल पर भी की गयी। लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात रहा। और पीड़िता की फरियाद नक्कार खाने की तूती साबित हो रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस व तहसील प्रशासन अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए प्रकरण पर पर्दा डालकर पीड़िता को सुरक्षित करने में जुटा है। जबकि महिला बच्चों सहित भूमिगत हो चुकी है। जो दो अक्टूबर का इंतज़ार कर रही है।

Comments