जौनपुर : केराकत का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना धन उगाही का अड्डा

जौनपुर : केराकत का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना धन उगाही का अड्डा

जौनपुर।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24x7
                       जनपद के तहसील केराकत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों धन उगाही का अड्डा बना हुआ है। तीमारदारों के सामने विषम परिस्थितियां खड़ी करके बड़े शातिर तरीके से पैसे ऐंठे जा रहे हैं । आलम ये है कि मौत से जूझ रहे मरीज को ऑक्सीजन लगाने के बदले भी सुविधा शुल्क लिया जा रहा है । चिकित्सा विभाग की अनदेखी और अस्पताल के कर्मचारियों की सांठगांठ के चलते आम आदमी हलकान है ।
"तहलका 24×7 न्यूज़"  को मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र के ही अकबरपुर ग्राम निवासी बृजेश कुमार श्रीवास्तव की पत्नी अनु श्रीवास्तव को प्रसव के लिए बीती 22 जुलाई को केराकत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें यह कहकर रोक लिया कि प्रसव भोर में होगा। भोर में करीब 4:00 बजे नर्स ने प्रसव के लिए बाहर से सर्जिकल ग्लब्स, दवाएं और इंजेक्शन वगैरह लाने को कहा। बृजेश ने जब कहा कि यह सब सामान तो यहां उपलब्ध होना चाहिए तो नर्स ने उपलब्धता से इनकार का दिया और जल्द से जल्द सारे सामान लाने को कहा। मरता क्या न करता ? बृजेश को करीब 500 रुपए के ग्लब्स, दवाएं, इंजेक्शन वगैरह बाहर से खरीदकर लाना पड़ा। इसके बाद प्रसव हो जाने पर डॉक्टरों ने कहा कि नवजात को ऑक्सीजन लगाना पड़ेगा। बृजेश दौड़ते हुए वार्ड बॉय महेंद्र के पास गए तो उसने ऑक्सीजन तो लगा दिया लेकिन उसके एवज में 70 रुपए फीस मांगने लगा। मजबूर होकर बृजेश को उसे पैसे देने पड़े। 23 जुलाई की सुबह बृजेश जब इसकी शिकायत सीएचसी अधीक्षक से करने गये तो वो नहीं मिले बृजेश के मुताबिक शाम साढ़े 4 बजे को डिस्चार्ज के वक़्त तक अधीक्षक अस्पताल में नहीं आये।
ज़ाहिर है, मरीजों और तीमारदारों के शोषण का ये मामला अकेले बृजेश का नहीं है। गरीब और परेशान जनता से सरकारी संसाधनों के एवज में धन उगाही आम बात है और इससे सीधे सरकार की किरकिरी हो रही है।

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