जौनपुर: मुख्य चिकित्साधिकारी ने डेंगू से बचाव एवं रोकथाम के बताये उपाय

जौनपुर: मुख्य चिकित्साधिकारी ने डेंगू से बचाव एवं रोकथाम के बताये उपाय 

जौनपुर।
संदीप सिंह
तहलका 24x7 
                                     मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामजी पांडेय ने बताया कि जुलाई माह को डेंगू रोधी माह के रूप में मनाया जाना है। डेंगू से बचाव एवं रोकथाम के लिए कुछ उपाय कर डेंगू से बचा जा सकता है। उन्होंने रोग के कुछ मुख्य लक्षण बताए हैं जिसमें अकस्मात तेज ज्वर, सिरदर्द, आंख में दर्द, मांसपेशियों में दर्द तथा कमर में दर्द। उपरोक्त लक्षण के समस्त रोगियों को संभावित डेंगू बुखार का रोगी मानना चाहिए। यह एक वायरल रोग है जो मादा एडीज एजिप्टी मच्छर द्वारा अस्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति तक फैलता है। एडीज मच्छर थोड़े से साफ पानी में पैदा होता हैं इस रोग से बचाव हेतु घर में कूलर, बाल्टी, घड़े के पानी को सप्ताह में दो बार अवश्य बदलते रहें, गड्ढों में जहां पानी इकट्ठा हो तो उसमें मिट्टी भर दे, यदि मिट्टी डालना संभव ना हो तो उस गड्ढे के पानी में कुछ मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें, सोते समय यथासंभव मच्छरदानी का प्रयोग करें, शरीर पर नीम का तेल या सरसों के तेल का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन की कमीज तथा मोजे आदि का प्रयोग करें। बालक, बालिकाओं को स्कूल जाते समय पूरे आस्तीन का कपड़ा, मोजे एवं जूते पहनाए, घर तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं साफ रखें। बुखार होने पर पेरासिटामॉल की गोली खिलाए, रोगी के गंभीर होने की दशा में निकट के चिकित्सालय में भर्ती कराएं। जनपद चिकित्सालय में डेंगू की जांच के लिए किट उपलब्ध है तथा रोगियों के उपचार के लिए पृथक रूप से वार्ड स्थापित किया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील किया है कि बीमारी से डरने की आवश्यकता नहीं है। बुखार आने पर जिला चिकित्सालय में निदान एवं उपचार कराएं।

# क्या ना करें


घर में कूलर, गमले, टायर, खाली बर्तन, नारियल खोल, छत पर खुली टंकिया, बेकार टिन, खाली बोतलें में पानी एकत्र न होने दें, घर के आसपास पानी इकठ्ठा न होने दें, जहां तक संभव हो खुले बदन एवं बिना मच्छरदानी के न सोयें, अप्रशिक्षित डॉक्टर के पास रोगी को उपचार हेतु न ले जाएं।

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