जौनपुर : "क्रांतिकारी पत्रकार परिषद" ने लिया संकल्प अब किसी पत्रकार का नहीं होगा उत्पीड़न
जौनपुर।
सुशील स्वामीतहलका 24x7
"क्रांतिकारी पत्रकार परिषद" के बैनर तले पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष में "वर्तमान परिवेश में पत्रकारिता और पत्रकारों की गिरती साख" विषयक संगोष्ठी में संरक्षक मंडल के सदस्य डॉ सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में परिभाषित लोग यह जान लें कि यह चौथा स्तंभ नहीं बल्कि यह पहला स्तंभ है। संरक्षक सुभाष चंद्र पांडे ने कहा कि यदि आप ईमानदारी से पत्रकारिता करते हैं तो कोई आपकी साख पर बट्टा नहीं लगा सकता। संरक्षक केदारनाथ सिंह ने कहा कि समाचार पत्र कोई छोटा बड़ा नहीं होता आप की लिखी हुई खबरें छोटी और बड़ी हो सकती हैं किंतु खबरों का असर कतई छोटा और बड़ा नहीं होता खबरें असरदार है तो कार्यवाही कोई रोक नहीं सकता है।
अध्यक्षीय संबोधन करते हुए प्रमुख संरक्षक अनिल दुबे आजाद ने "क्रांतिकारी पत्रकार परिषद" के गठन में सहयोगी संपादक व पत्रकारों व साथियों को हृदय की गहराइयों से धन्यवाद देते हुए कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ यदि क्रूरता और अभद्रता होती है तो उसके लिए हमारा परिषद बिना दिन और रात की चिंता किए उस पत्रकार साथी के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा रहेगा। आज के इस दिवस पर यह संकल्प लेना है कि परिषद के साथी छोटे और बड़े अखबार का मायाजाल छोड़कर पत्रकार हित की लड़ाई लड़ने के लिए संगठित रहें। आपका कारवां कोई रोक नहीं पाएगा। मंच पर उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार पांडे ने कहा कि कुछ साथी प्राथमिकी दर्ज ना होने का रोना रोते हैं शायद यह जानकारी का अभाव है अब तो प्राथमिकी ऑनलाइन होने लगा है किसी के सामने सोर्स लगाने से बेहतर है कि सीधे ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज कराएं और इस पर कार्यवाही निश्चित होती है। इसलिए इसका ध्यान रखकर पत्रकारिता की साख बचाई जा सकती है। संरक्षक मानिका राव ने क्रांतिकारी पत्रकार परिषद के नाम को परिभाषित करते हुए यह उम्मीद जताया कि जिस हिसाब से प्रमुख संरक्षक अनिल दुबे आजाद ने संकल्प लिया है और आज सभी पत्रकारों का उत्साह देखकर यह विश्वास होने लगा है कि वह दिन दूर नहीं जब "क्रांतिकारी पत्रकार परिषद" पूरे भारत में अपना विस्तार करेगा।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ ज्ञान प्रकाश सिंह ने "क्रांतिकारी पत्रकार परिषद" के कार्यों की सराहना करते हुए परिषद के संरक्षक सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया। गोष्ठी में प्रमुख रूप से विचार व्यक्त करने वाले लोगों में उपाध्यक्ष मंगला प्रसाद तिवारी मीडिया प्रभारी, वीरेंद्र गुप्ता उपाध्यक्ष, सुशील कुमार स्वामी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, छोटेलाल सिंह सचिव, जयप्रकाश, नसीरुद्दीन, गौरव मिश्रा, गुलाबचंद मौर्या, बृजेश उपाध्याय, वी के शर्मा, एस पी शर्मा, सुनील पांडे संगम, जितेंद्र चौधरी और अध्यक्ष देवेश मिश्र ने कहा कि पत्रकारों का सहयोग यदि इसी तरह से बना रहा तो ना तो पत्रकारों की साख गिरने पायेगी ना ही पत्रकारिता की गरिमा। पूरा संगठन एकजुट होकर के ईंट से ईंट बजाने के लिए तैयार हो चुका है। गोष्ठी में विशेष रूप से पत्रकार चंद्र प्रकाश सिंह, अमित वर्मा वाराणसी, मोहम्मद शमीम अख्तर, पवन कुमार, दिलीप कुमार, अतुल राय, अजीत यादव, मानस मुकुल मिश्रा, कृष्ण भजन विश्वकर्मा, दिनेश गुप्ता, इंद्र कुमार यादव, विपिन यादव, चंदन निगम, पंकज, जुबेर खान, गुलाब चंद्र, मधुकर, योगेंद्र यादव, शशिधर शर्मा, राम कुमार पांडे, श्याम नारायण उपाध्याय, अमित तिवारी, पुष्पेंद्र सिंह, अशफाक अहमद, हकीमुद्दीन, जतिन गुप्ता, प्रकाश चंद शर्मा, चेतन सिंह, देवेश उपाध्याय, मनीष दुबे, विजय अग्रवाल के अलावा क्रांतिकारी पत्रकार परिषद के सभी 6 तहसीलों के प्रभारी गण व अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति सराहनीय रही।
Comments
Post a Comment