जौनपुर : जान हथेली पर रखकर मरीजो का उपचार कर रहे है बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक

जौनपुर : जान हथेली पर रखकर मरीजो का उपचार कर रहे है बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक

आये दिन की घटनाओं के होने पर उनके जान माल सुरक्षा का आखिर  जिम्मेदार कौन ?

अब तक 3 से अधिक डॉक्टरों पर प्राण घातक हमले से क्षुब्ध चिकित्सक हड़ताल पर जाने का मूड बना रहे



बदलापुर।
भुलेश्वर पुष्कर
तहलका 24x7
                    डॉक्टर यानी धरती का भगवान जिसको आये दिन समाज के हर लोगो के जुबान से सुनने को मिलता है कि यदि समय पर डॉक्टर साहब न आये होते तो अमुख ब्यक्ति के प्राण पखेरू क्षण भर में उड़ गए होते। ईश्वर को मंजूर था कि डॉक्टर साहब पहुंच  गए अमुख को नई जिंदगी  मिल ही गई आज सामाजिक विडम्बनाओं ने हर लोगो के दिलो दिमाग को ठीक उल्टा कर दिया है। प्रश्न उठता है कि यदि इनकी  ज्वलन्त समस्याओ को उच्चाधिकारियों ने गम्भीरता से नही लिया तो  सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के लाले पड़ जायेंगे इसमें दो राय नही है। 
बताया गया है कि  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर में असामाजिक तत्वों के चलते  ड्यूटी पर तैनात सभी डॉक्टर जान हथेली पर रखकर मरीजों का उपचार करने  हेतु बाध्य हैं। नाम न छापने की शर्त पर अपनी पीड़ा का इजहार करते डॉक्टरों ने बताया कि क्या बताये हम लोग शासन मंशा मुताबिक रात्रि और दिन की ड्यूटी में पूरी वफादारी के साथ मरीजो का इलाज   करते हैं। किन्तु बदलापुर क्षेत्र के लोगो का दुर्भाग है कि  इस अस्पताल में मौजूदा समय मे अधीक्षक डॉ एस. सी. वर्मा के नेतृत्त्व में शासन ने जिन डॉक्टरों की टीम यहाँ   रखा है उससे क्षेत्र के गरीब, असहाय व मध्यम परिवार का इलाज बड़ी वफादारी, मेहनत के साथ कर रहे हैं। उन्हें तो उस समय बेहद तकलीफ होती है जब पता चलता है कोई असामाजिक तत्व आया और अमुख डाक्टर के साथ  बड़ा ही अभद्र ब्यवहार करके जब तक सभी चिकित्सक को जानकारी होती है तब तक चम्मत हो जाता है, मामला थाने पर जाता है बेचारा चिकित्सक यह सोचकर तहरीर थाने पर नही देता है कि आज यहां है कल स्थानांतरण हो जाएगा। बेचारा मेरी वजह से कोर्ट कचहरी का चक्कर कटेगा।वह तो ऐसा विचार शील सोच रखता है। किंतु अब तक इन असामाजिक तत्वों के शिकंजे में डॉ. रफीक  सिद्दीकी जिनका स्थान्तरण हो गया है। उसके बाद डॉक्टर संजय दुबे,  ताजा मामला 28 मई को डेढ़ बजे रात्रि में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर संजीव यादव के साथ अजीबो गरीब स्थिति में घटना को अंजाम  दिया,  दूसरे दिन इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो चट मंगनी पट विवाह की तैयारी करते हुए शांति भंग अंदेशा में चालान कर अपना पल्ला झाड़ लिया।
इन सब परिस्थितियों के चलते बदलापुर अस्पताल के चिकित्सको ने हड़ताल करने का पूरी तरह विचार बना लिया है, ताकि बदलापुर अस्पताल को सांसद, विधायक सुरक्षा शीघ्र प्रदान कर सके , घटनाओ के बारे में  सभी लोग पूरी तरह वाकिब है। जान हथेली पर रखकर मरीजों का उपचार कर रहे है बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक आये दिन की घटनाओं के होने उनके जान माल सुरक्षा का आखिर  जिम्मेदार कौन ?
अब तक 3 से अधिक डॉक्टरों के साथ  के प्राण घातक हमले का कौन  जिम्मेदार है? जनहित सम्बंधित  अधिकारियों द्वारा अस्पताल में सुरक्षा नही मुहैया कराई गई तो हड़ताल करने का मूड बना रहे है।

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