जौनपुर :शांति का दर्पण है श्रीमद् भागवत गीता - संत राजेंद्र महराज
मुंगरा बादशाहपुरशुभम गुप्ता
तहलका 24x7
मुंगरा बादशाहपुर के बनवीर गांव में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। वृंदावन धाम से पधारे संत राजेंद्र महराज ने कहा कि यदि जीवन में शांति चाहिए तो श्रीमद् भागवत गीता पढ़ना चाहिए यह सुमार्ग का दर्पण है। उन्होंने बताया कि वेद व्यास ने १७ पुराणों की रचना करने के बाद भी उन्हें शांति नही मिली। जब उन्होनें श्रीमद्भागवत की रचना किया तो उन्हें शांति प्राप्ति हुई। उन्होंने ने कहा कि गीता में भक्ति तथा भगवान का पावन चरित्र निहित है। यह सारे पुराणों का तिलक है। उन्होंने कहा कि निष्ठा तथा भाव भक्ति से भगवान का दर्शन सुलभ हो जाता है। कुंती भगवान से वरदान में विपत्ति मांगी थी। कष्टों में भगवान खुद भक्तों को दर्शन के लिए चले आते है। भगवान भक्ति भाव के दिवाने होते हैं। इसी चलते भगवान प्रभू श्रीराम सबरी के झूठे बेर बहुत चाव से खाए। पूर्व विधायक रामशिरोमणि शुक्ल तथा डिप्टी सीएमओ राकेश पाण्डेय ने स्वामी जी आर्शीवाद लिया। मुख्य यजमान हरिहर प्रसाद पाण्डेय तथा डॉ एके पांडेय सहित पूरा पाण्डेय परिवार कथा श्रवण कर रहा है। मुख्य रुप से डॉ अश्वनी पाण्डेय,डा आर पी मिश्रा, रमाशंकर शुक्ल, जयप्रकाश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। शास्त्री महराज की देखरेख कथा चल रहा है।

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