आजमगढ़ : विद्युत वितरण को निजीकरण करने के विरोध में विद्युत कर्मी लामबंद, हड़ताल व धरना-प्रदर्शन जारी

आजमगढ़ : विद्युत वितरण को निजीकरण करने के विरोध में विद्युत कर्मी लामबंद, हड़ताल व धरना-प्रदर्शन जारी


निजीकरण करने के फैसले के विरूद्ध प्रदर्शन में कर्मचारी, अभियंता, रिटायर्ड कर्मचारी, उपभोक्ता व जन प्रतिनिधियों का मिल रहा समर्थन


चेतावनी ! मांग न पूरा होने पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति और उग्र धरना-प्रदर्शन के लिए तैयार 

आजमगढ़ ब्यूरो।
सिद्धेश्वर पाण्डेय 
तहलका 24x7 
                  जनपद सहित छह जिलों व पांच महानगरों में सरकार द्वारा विद्युत वितरण के निजीकरण करने के फैसले से नाराज कर्मचारियों ने हाइडिल कालोनी परिसर में एकत्रित हो धरना-प्रदर्शन किया। मंगलवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत वितरण को निजीकरण करने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। वही जनपद के समस्त कर्मचारी, अभियंताओं ने कार्य का बहिष्कार किया। 
धरने की अध्यक्षता ई. चंद्रेश उपाध्याय व क्षेत्रीय सचिव अभियंता संघ ने किया। 
धरना दे रहे विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि पावर कारपोरेशन के प्रबंधन का निजी घरानों से गुटर गूं पहले से है। मिलीभगत का ही नतीजा है कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने बड़ी संख्या में निजीकरण की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए भारी तादाद में सलाहकारों को तैनात किया है। उनके तार पहले से ही ऐसे निजी घरानों से जुड़े हैं जिन्हें फ्रेंचाइजी देने का निर्णय पहले से ही तय है। माननीय मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट का फैसला लेकर विद्युत वितरण निजी करने पर उतारू हैं इसको विद्युत कर्मचारी अभियंता अधिकारी किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि सूबे में सरकारी विभागों पर बकाया विद्युत देय लगभग ग्यारह हजार करोड़ वसूल लिया जाए तो घाटा पूरा हो जाएगा।निजीकरण से बिजली महंगी होगी और उसका फायदा निजी घराने ही उठाएंगे और जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। सभा के समापन अवसर पर आजमगढ़ क्षेत्र के मुख्य अभियंता पंकज कुमार ने सरकार के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया उन्होंने उम्मीद भी जताया कि उत्तर प्रदेश सरकार हमारी मांगों को संज्ञान में लेते हुए विद्युत वितरण के निजीकरण के फैसले को वापस ले लेगी। 
धरना प्रदर्शन में मुख्य रुप से मुनव्वर अली, धरमू यादव, राजनारायण सिंह, चंद्रेश उपाध्याय, धर्मेंद्र सिंह, मनीष अग्रवाल, एस पी सिंह, हंसराज, कौशल, बी आर यादव, के के सिंह, डीके लाल, अरुण कुमार सिंह, अजय, कृष्ण, एम एल रजक, एस के मिश्रा, जूनियर इंजीनियर शत्रुघ्न यादव, निखिल, शेखर सिंह, चंद्रशेखर, चंदन आशुतोष, राजू, रामधनी, राजनाथ, गीता यादव, बैजनाथ यादव, रमेश यादव, लालचंद यादव, पहलवान चंद्रजीत यादव, रोहित मौर्य, रमेश, राकेश पांडे, जय प्रकाश यादव, दारा सिंह, अतुल पांडे, देवेश्वर सिंह, कुंवर अजय सिंह, निखिल पांडे सहित बड़ी तादाद में अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। धरना-प्रदर्शन व सभा का संचालन प्रभुदत्त पांडेय ने किया।

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