सुल्तानपुर : अपह्त बच्चे के मिलने से परिवार में खुशी गांव व क्षेत्र में भय व्याप्त
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| दिब्यांश |
दोस्तपुर(सुल्तानपुर)
रामरतन सोनी
तहलका 24x7
"जाको राखे साइयां मार सके ना कोय" यह कहावत उस समय चरितार्थ हो गई जब नगर निवासी राकेश कुमार उपाध्याय का 15 वर्षीय पुत्र दिव्यांश सोमवार की रात में लखनऊ से घर वापस आ गया इस संबंध में राकेश ने बताया कि शनिवार को दोपहर 1:00 बजे से मेरा पुत्र दिव्यांश का अपहरण घर के पास से ही कर लिया गया राकेश ने पुत्र के गुम होने की तहरीर शनिवार को तत्काल स्थानीय थाने में दे दिया था। दिव्यांश के अनुसार शनिवार को दोपहर में घर से बाहर मां से कह कर खेलने के लिए निकला जैसे ही वह घर से बाहर निकला सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी कन्या जूनियर विद्यालय के पास खड़ी थी गाड़ी में ड्राइवर लेकर तीन लोग थे उन लोगों ने दिव्यांश से दोस्त पुर से बाहर निकलने का मार्ग पूछा इसी दौरान गाड़ी वालों ने रुमाल में लगा कोई नशीला पदार्थ सुंघा कर दिव्यांश को बेहोशी की हालत में गाड़ी में डाल दिया। उसे लेकर लखनऊ की तरफ चले गए लखनऊ जब 20 किलोमीटर लगभग रह गया तो गाड़ी पंचर हो गई तीनों अपहरणकर्ता बाहर निकलकर टायर बदलने लगे जब तक दिव्यांश को होश आ गया था वह मौका पाकर गाड़ी से बाहर जाकर निकट में जा रही रोडवेज बस को रुकने का इशारा करके उसमें बैठ गया उसने सारी घटना बस कंडक्टर को बताकर संरक्षण देने के लिए कहा कंडक्टर ने 100 नंबर पुलिस गाड़ी को सूचना देकर बच्चे को पुलिस की देखरेख में दिया जहां से बच्चे को थाना नाका हिंडोला लखनऊ पुलिस के पास भेज दिया गया है दिव्यांश ने पुलिस को सारी घटना बताते हुए लखनऊ में कार्यरत अपने चाचा विवेक उपाध्याय आसिस्टेट वाणिज्यकर कमिश्नर से मिलने के लिए कहा पुलिस ने तत्काल इसकी सूचना कमिश्नर देने के बाद दोस्तपुर पुलिस को भी दिया इधर चाचा विवेक ने बच्चे को अपने पास लेकर अस्पताल में इलाज शुरू करा दिया। बच्चे लखनऊ में होने की सूचना पर पूरा परिवार लखनऊ चला गया जहां से बच्चे के पिता सोमवार की रात दोस्त पुर लाए। बच्चे के अनुसार तीनों अपहरण करता जींस शर्ट पहने युवा थे बच्चे को पाकर घरवाले ईश्वर को धन्यवाद दे रहे वही नगर के लोगों में इस घटना से भय व्याप्त है।

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