जौनपुर : महाशिवरात्रि के मद्देनजर महादेव मंदिर की सफाई में जुटे भोजपुरी अभिनेता व युवा

जौनपुर : महाशिवरात्रि के मद्देनजर महादेव मंदिर की सफाई में जुटे भोजपुरी अभिनेता व युवा 

जौनपुर। 
रविशंकर वर्मा 
तहलका 24x7 
                      जनपद के जलालपुर क्षेत्र अंतर्गत  त्रिलोचन महादेव स्थित प्राचीन ऐतिहासिक शिव मंदिर पर शनिवार को क्षेत्रीय कलाकार चन्दन सेठ के नेतृत्व में दर्जनो युवाओ व स्वयंसेवको ने मिलकर शिवरात्रि के मद्देनजर शिव मंदिर परिसर व पोखरे की सीढ़ियों  की साफ-सफाई किया। श्री सेठ ने बताया अभी प्रशासन की तरफ से मंदिर पर कोई कार्य नही कराया गया। महाशिवरात्रि पर विशाल मेले में आने वाले लाखों श्रद्घालुओं को ध्यान में रखते हुए साफ-सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। उन्होने कहा कि हालांकि मंदिर में पुजारियों व कुछ खास शिवभक्तों द्घारा सफाई अभियान की शुरूआत की जा चुकी है।अगर प्रशासन मंदिर की तरफ अपना ध्यान आकृष्ट कर संपूर्ण मंदिर परिसर की सफाई करवा दे तो मंदिर परिसर चमक उठेगा। अभी तक शिव मंदिर पर कोई बड़ा प्रशासनिक अधिकारी यहां  की सुध नहीं ली है।मंदिर की सीढ़ीयों सहित मंदिर परिसर के पास कूड़े का अम्बार लगा हुआ है। उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष अनुराग वर्मा के काफी प्रयास के बाद पूर्व में रहे जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी के द्घारा मंदिर के सुन्दरीकरण का कार्य कराया गया था। जिलाधिकारी का स्थानान्तरण होने के बाद सुन्दरीकरण का कार्य जस का तस रूक गया। व्यापारियों सहित क्षेत्रवासियों में काफी आक्रोश है। मंदिर परिसर में बने पार्क की भी मरम्मत अभी तक नहीं हो पायी है जिसको तोड़कर छोड़ दिया गया है। शिव भक्तों के बैठने का यही मात्र एक स्थान था। पोखरे की सीढ़ीयां खतरे को आमंत्रण दे रही हैं। जिससे पुजारियों में काफी रोष व्याप्त है। श्री सेठ ने बताया कि शिवरात्रि के मद्देनजर मंदिर परिसर में स्वास्थ शिविर लगवाने का भी आग्रह किया। दूर-दूर से आने वाली हजारों की भीड़ में तमाम लोगों को दवाईयों की जरूरत पड़ती है ऐसे में स्वास्थ शिविर बीमार लोगों के लिए वरदान साबित होती है।इस अवसर पर जंगी महाविद्यालय के प्राचार्य डा. मीताराम पाल, प्रेम प्रकाश यादव, नीरज गिरि, विनोद कुमार, रविकेश मौर्या, सविता यादव, नीलम यादव, सुरेश कुमार इत्यादि लोग रहे।


"आस्था का प्रतिक त्रिलोचन महादेव मंदिर"

"कई रहस्यमयी गाथाओं को समेटे हुऐ है प्राचीन मंदिर"


त्रिलोचन महादेव के प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर की महिमा को लेकर तमाम बातें प्रचलित हैं। यहां के पुजारी ओमप्रकाश, मोहन आदि महंतो के मुताबिक इस मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है। कहा जाता है कि यहां कहीं से शिव लिंग नही लाया गया अपितु सात पाताल का भेदन कर यहां बाबा भोलेशंकर स्वयं विराजमान हुऐ हैं। कहा जाता है कि यहां के मंदिर को लेकर समीपवर्ती दो गांवो रेहटी और लहंगपुर में विवाद था यह मंदिर किस गांव की सरहद के भीतर है।कई पंचायतें हुई किंतु बात नही बनी और नौबत मारपीट और खून-खराबे तक आ गई। दोनो गांवों के बुजुर्गो ने फैसला किया कि जब वे जगत स्वामी हैं तो यह फैसला भी उन्ही को करना है कि यह मंदिर किस गांव की सरहद के अंदर है। दोनों पक्षों ने मंदिर को बाहर से बंद कर अपना-अपना ताला जड़ दिया फिर अपने घर चले गए। अगले दिन दोनों पक्षों के लोग मंदिर के सामने पहुंचे और ताला खुला तो लोगों की आँखे आश्चर्य से फटी रह गई। शिव लिंग स्पट रूप से उत्तर दिशा में रेहटी ग्राम की तरफ झुक गया था।उसी रूप में शिव लिंग आज भी है, तभी से शिव मंदिर को रेहटी गांव में माना गया।

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