जौनपुर : सुशासन को विफल करने में योगी की भ्रष्ट पुलिस नहीं छोड़ रही है कोई कसर

जौनपुर : सुशासन को विफल करने में योगी की भ्रष्ट पुलिस नहीं छोड़ रही है कोई कसर

भ्रष्ट दारोगाओं की सांठगांठ के चलते डेढ़ दर्जन मुकदमों के आरोपी घूम रहे खुलेआम 

शाहगंज(जौनपुर)
तहलका 24x7 
               जिन अपराधियों की सही जगह जेल होनी चाहिए उन अपराधियों को पुलिस का संरक्षण होने के चलते वे जेल नहीं पहुच रहे बल्कि वे अपराधी "भाई" बन क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे हैं क्योंकि क्षेत्र का दारोगा अपराधियों से गलबहियां कर दावतों का लुत्फ उठा रहा है। पुलिस की सेटिंग-गेटिंग के चलते दर्जनों संगीन अपराध का आरोपी क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे हैं। अपराधियों के साथ स्थानीय कोतवाली के पुलिसकर्मियों की यह कारगुजारिंया इन दिनों काफी सुर्ख़ियों में है। हालांकि नवागत सीओ शैलेंद्र सिंह अपने तेवर के चलते अपराध व अपराधियों को बख्शने के मूड में नहीं दिखाई पड़ते लेकिन उनके मातहत उक्त अपराधियों से सांठगांठ के चलते उन पर मेहरबान है। 
बताते चलें कि दिसंबर माह में सम्पूर्ण समाधान दिवस पर उक्त अपराधियों के बारे में पुलिस अधीक्षक के.के चौधरी को सूचित करने पर कप्तान महोदय ने उन अपराधियों पर गुण्डा एक्ट की कार्रवाई करने का आदेश दे दिया था लेकिन कोतवाली पुलिस को उन अपराधियों के विरुद्ध मात्र एक दो मुकदमे दर्ज मिले। विवेचक दारोगा चार्जशीट दाखिल करने मे खूब आना कानी कर रहे हैं। मजेदार बात यह है उक्त अपराधियों के क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना स्थानीय लोगों ने कोतवाली पुलिस को कई बार दी गई लेकिन एक बार भी कोतवाली पुलिस उक्त अपराधियों को पकड़ नहीं पाई। मसला है जब उन्हीं अपराधियों संग दावतों का दौर चल रहा है तो गिरफ्तारी कैसे हो पाएगी?

पिछले दस वर्षों में बसपा और सपा सरकार के कार्यकाल में ये अपराधी अपनी सांठगांठ के बलबूते एक दशक से बचते रहे वहीं योगी राज में इन अपराधियों पर कार्यवाई की कुछ आस स्थानीय लोगों में जरूर लगी थी लेकिन पुलिस में भ्रष्टाचार के लिए सरकारें मायने नहीं रखती चाहे योगी हो या कोई अन्य सरकार उन अपराधियों की सेटिंग योगी राज में भी फिट हो गयी। उसी सेटिंग के चलते योगी सरकार में भी स्थानीय कोतवाली के कुछ दारोगा सिपाही अपराधियों पर मेहरबान हो गए। इसे इनकार भी नहीं किया जा सकता। बार बार क्षेत्र के दारोगा, विवेचक, प्रभारी निरीक्षक समेत क्षेत्राधिकारी द्वारा दुहाई दी जाती रही कि न्यायालय के आदेश के मुताबिक जिन धाराओं में 7 वर्ष से कम की सजा है उनमें गिरफ्तारी नहीं हो सकती। न्यायालय का यह आदेश तो  अपराधियों को बचाने में भ्रष्ट पुलिस कर्मियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। 

तहलका 24x7 न्यूज़ के पड़ताल के मुताबिक इमरानगंज सबरहद निवासी अनवर जावेद उर्फ नन्हे पुत्र स्व. कमरुद्दीन विवादित जमीन खरीद फरोख्त का कारोबारी व उनके दो पुत्र मोहम्मद अरसलान अहमद व मोहम्मद नोमान अहमद पर सबसे पहले शाहगंज थाने में इन गुंडों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ जिसमें 

अपराध संख्या 315 /96 में अनवर जावेद उर्फ़ नन्हें पर धारा 452, 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ 

अपराध संख्या 571/04 में धारा 143, 323, 504, 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ 

अपराध संख्या 656 /06 मे 11 (जी) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ 


अपराध संख्या 1142/10 में धारा 147, 148, 323, 504, 506, 336, 553, 341 व 7 सीएलए एक्ट आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ 


 अपराध संख्या 814/11 में धारा (110 जी) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ 


अपराध संख्या 648 /11

एनसीआर 73/11 

अपराध संख्या 643/11में धारा 436, 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ 


अपराध संख्या 472/15 में धारा 411, 419, 420, 467, 468, 471 आईपीसी  के तहत मुकदमा दर्ज हुआ 

अपराध /संख्या 1447/17 में  धारा 323, 504, 506, 427 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ 


 अपराध संख्या 0015 /18 में धारा 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ 


स्टेट बनाम रमेश धारा 307 से संबंधी मामले में अभियुक्त अरसलान फरार चल रहा है। 

उपरोक्त सभी मुकदमों में अनवर जावेद उर्फ़ नन्हे पुत्र स्व कमरूद्दीन व उसके दो पुत्र मोहम्मद अरसलान व मोहम्मद नोमान अहमद अभियुक्त है। लेकिन योगी पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए अभी और संगीन धाराओं की इंतज़ार में हाथ पे हाथ धरी बैठी है जब तक कि अपराधी कोई बड़ी वारदात का अंजाम नहीं दे लेता।

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