आजमगढ़ : तमाम दावों के बाद कहीं नजर नहीं आ रहा अलाव, कड़ाके की ठण्ड में ठिठुरने को मजबूर यात्री और मजदूर

आजमगढ़ : तमाम दावों के बाद कहीं नजर नहीं आ रहा अलाव, कड़ाके की ठण्ड में ठिठुरने को मजबूर यात्री और मजदूर

उदासीनता: अलाव जलाने का तहसील प्रशासन कर रहा दावा, कस्बा से ग्रामीण इलाकों में कहीं नहीं दिख रहा अलाव

फूलपुर(आजमगढ़) 
वीरेंद्र यादव
तहलका 24 x 7 
                            अलाव जलाने का तहसील प्रशासन तमाम दावा कर रहा है लेकिन कस्बा से ग्रामीण इलाकों में अलाव कहीं नहीं दिख रहा है। 
कड़ाके की ठण्ड में ठिठुरने को मजबूर यात्री और मजदूर हो रहे हैं। तहसील प्रशासन द्वारा किये जा रहे लाख दावों के बाद भी क्षेत्र में कहीं भी अलाव नहीं दिख रहा है। जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की मांग की है। 
तहसीलदार फूलपुर जंगबहादुर यादव की माने तो तहसील के सभी राजस्व निरीक्षकों को अलाव जलवाने का निर्देश दिया जा चुका है। उन्होंने दावा भी किया कि इसकी जांच रात्रि में की जा रही है। यदि अलाव नहीं जलाया गया तो सम्बंधित लोगों के खिलाफ कारवाही की जायेगी। इसके विपरीत रोडवेज, रेलवे स्टेशन, चिकित्सालय, ब्लॉक मुख्यालय, तहसील मुख्यालय, क्षेत्र की बाजारों में कहीं भी अलाव नहीं दिखाई दे रहा है। जिसके चलते कड़ाके की ठण्ड और कोहरे का प्रकोप बढ़ जाने से क्षेत्रवासियों को आवागमन के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे तहसील क्षेत्र के छोटी बड़ी बाज़ारों मे सरकार की तरफ़ से कोई भी अलाव की व्यवस्था नही देखने को मिल रही है। जबकि जिलाधिकारी महोदय का स्पष्ट आदेश है कि अलाव जलवाने और गरीब असहायों मे कम्बल वितरण में किसी प्रकार की कोई कोताही न बरती जाए। ठण्ड से मृत्यु होने पर जिम्मेदारों पर कठोर कार्यवाही का भी आदेश है। 

उच्चाधिकारियों सहित कर्मचारीगण पर शासन और जिलाधिकारी के आदेश का कोई असर होता दिखाई नही दे रहा है। जबकि इस कोहरे मे छोटे बच्चो सहित रिक्शा, ट्राली, चार पहिया सवारी वाहन चालक और अपने जरूरतों से रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ कर आने जाने वालो को ठिठुरन भरा सफर करना पड़ रहा है। इस कोहरे के मौसम मे लोग आग की लपट देखते ही सब कुछ छोड़ आग के पास पहुँच हाथ सेंकना शुरू कर देते है ।तहसील मुख्यालय के अन्दर अलाव जलाया गया है। वह भी तहसील मुख्यालय मे लगे नीम के पेड़ का एक बोटा लोगो अधिवक्ताओं ने जलवा दिया है। वही माहुल मोड़ हाइडिल चौराहा, सहजेरपुर, लोनियाडीह, फूलवरिया, अम्बारी, आदि बाज़ारों मे अलाव की व्यवस्था नही की गयी है। सबसे अहम सुबह ट्रेन पकड़ने वालो के लिये कही अलाव नही जला है ।ट्रेन से यात्रा करने वालो का जीवन नरक बन गया है। इस सम्बन्ध मे एसडीएम फुलपुर अनिल सिंह से पूछने पर बताया गया कि नगर पंचायत मे अलाव जलवा दिया गया था। ग्रामीण अंचलों की बाज़ारों के प्रमुख स्थानों पर  किसी भी हाल मे अलाव जलवाने की व्यवस्था तहसील की तरफ़ से कराई जायेगी और गरीबो मे कम्बल वितरण गाँवों और कस्बों मे जाकर स्वम मैं और तहसीलदार  करेंगे।

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