# एसडीएम की लापरवाही प्रशासन पर पड़ सकता है भारी
# चुनावी चर्चा से ज्यादा एसडीएम की लापरवाही की चर्चा सुर्खियों में
शाहगंज /जौनपुर
तहलका 24 x 7
नगर निकाय चुनाव में आदर्श चुनाव आचार संहिता में उप जिलाधिकारी की घोर लापरवाही से कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।अगर समय रहते जिला प्रशासन नहीं चेता तो नगर निकाय चुनाव प्रशासन के लिए सिरदर्द बन जाएगा। एसडीएम जेएन सचान का लापरवाही एवं ढुलमुल रवैया जग जाहिर है। महोदय ने एक ही समय और एक ही स्थान पर दो प्रत्याशियों जनसभा करने की अनुमति दे दी। इस प्रकार का मामला नगर में एक ही स्थान पर देखने को नहीं मिला बल्कि नगर में तीन तीन स्थानों पर प्रत्याशियो के समर्थक आमने सामने हो गए। एसडीएम की घनघोर लापरवाही से नगर में स्थिति भयावह हो गयी थी की मौका रहते नगर के प्रबुद्ध लोगों ने शहर जलने से बचा लिया।
बताते चले कि विगत कुछ दिनों से कस्बा में अलग-अलग पार्टियों एवं निर्दल प्रत्याशियों का नुक्कड़ सभाएं चल रही है। जिसमें हर पार्टी के लोग नुक्कड़ सभा कर रहे हैं। अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों का भाषण सुनने के लिए एक तरफ जाम के झाम से लोग जूझ रहे है। वहीं दूसरी तरफ अधिकारी की घोर लापरवाही के चलते खून खराबे तक की स्थिति में प्रत्याशियों के समर्थक जा सकते हैं। क्योंकि नगर निकाय चुनाव के आदर्श आचार संहिता में स्थानीय एसडीएम की घोर लापरवाही के चलते एक समय व एक ही स्थान पर दो दो अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों को नुक्कड़ सभा करने की अनुमति दी जा रही है।
ताजा मामला शनिवार को देखने को मिला जब खुटहन तिराहे पर शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे के बीच निर्दल अध्यक्ष पद हेतु प्रत्याशी सुमन गुप्ता एवं सपा पार्टी प्रत्याशी सावित्री साहू दोनों लोगों को एक ही स्थान एवं एक ही समय नुक्कड़ सभा करने की अनुमति दे दी गई। जिससे समर्थकों में खूब तनी तना हुई। वही दूसरी घटना शनिवार को ही रात्रि 7:00 से 8:00 बजे रात्रि में निर्दल अध्यक्ष पद प्रत्याशी सुमन गुप्ता एवं दूसरी अध्यक्ष पद प्रत्याशी अनीता विश्वकर्मा को एक ही समय एक ही स्थान घासमंडी पर सभा करने की अनुमति दे दी गई। जिससे यहां पर भी दोनों समर्थकों में भी झड़प होने की संभावना बन गयी थी। वहीं तीसरी घटना नगर के एराकियाना चौराहे पर एक ही समय एंव एक ही स्थान की अनुमति के चलते निर्दल प्रत्याशी अलका गुप्ता व भाजपा प्रत्याशी गीता जायसवाल के समर्थक आमने-सामने हो गए नेता भी आमने-सामने हो गए थे।एसडीएम की घनघोर लापरवाही से नगर में स्थिति भयावह हो गयी थी की मौका रहते नगर के प्रबुद्ध लोगों ने शहर जलने से बचा लिया।
इस घोर लापरवाही के बाबत एसडीएम से पूछे जाने पर महोदय ने बड़ी बेबाकी से इस भयावह स्थिति की जिम्मेदारी का ठीकरा टाइप बाबू फोड़ दिया। और महोदय ने अपना पल्ला झाड़ अपने चर्चित लापरवाही भरे अंदाज में अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। उप जिलाधिकारी जेएन सचान की इस प्रकार की घोर लापरवाही एवं ढुलमुल रवैया जग जाहिर है। नामांकन के दिन भी महोदय के चेंबर में ही आदर्श चुनाव आचार संहिता धज्जियाँ तार तार होती रहीं और महोदय मूक दर्शक बनें रहे। एसडीएम की लापरवाही के चलते जिला प्रशासन के लिए नगर निकाय चुनाव सिर दर्द बन सकता है। अगर समय रहते जिला प्रशासन नहीं चेता तो कोई बड़ी घटना घट सकती है।
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