# रामायण के सारे पात्रों ने त्याग, समर्पण व कर्तव्य की सीख दी - मदनमोहन मिश्र
# मलिकपुर नोनरा (कादीपुर) मेँ तीन दिवसीय रामकथा का शुभारंभ
सूरापुर/ सुल्तानपुर शीलेश बरनवाल
तहलका 24 x 7
पाखंडियों ने धर्म का अहित कर खुद के ऐशोआराम को ही धर्म मान लिया है। ऐसे पाखंडियों को बेनकाब करने के लिए सच्चे धर्म प्रवर्तकों को आगे आना होगा तभी भारत की संत, सनातन परंपरा का संवर्धन होगा। सच्चा सन्त वही जो धर्मानुसार आचरण करे। उक्त बातें वाराणसी के प्रसिद्ध कथावाचक डाक्टर मदनमोहन मिश्र ने मलिकपुर नोनरा (कादीपुर) में महादेव मन्दिर मेँ कही। मानस कोविद से विभूषित डाक्टर मिश्र ने कहा कि कैकेयी क्रिया शक्ति है, बिना कैकेयी के राक्षसों का संहार नही हो पाता। मानस वक्ता श्री मिश्र ने कहा कि भरत चरित्र के श्रवण से त्याग की भावना पैदा होती है। श्री मिश्र ने कहा कि रामायण के सारे पात्रों ने त्याग, समर्पण व कर्तव्य की सीख दी है। रामकथा मे पहले दिन श्रोताओं ने राम जन्म व राम वनगमन श्रवण किया। रामकथा का सँचालन राधेकृष्ण द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर अमरीश मिश्र, दयाशँकर यादव, रूद्रप्रताप दूबे, बद्रीसिंह, भोला यादव, आदि मौजूद रहे। अतिथियों का श्रीनेत्र तिवारी व रामशिरोमणि साव ने आभार प्रकट किया। रामकथा मे अरूण प्रकाश श्रीवास्तव ने भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया।
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