बर्खास्त जवान करवा रहा था सेना में भर्ती, वाराणसी में हुआ गिरफ्तार

बर्खास्त जवान करवा रहा था सेना में भर्ती, वाराणसी में हुआ गिरफ्तार

भारतीय सेना में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नेपाली युवकों को कराता था भर्ती

भर्ती कराने वाला दलाल वाराणसी में एटीएस के हत्थे चढ़ा


लखनऊ। 
तहलका 24 x 7 
                   भारतीय सेना में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नेपाली युवकों को भर्ती कराने वाला दलाल वाराणसी में एटीएस के हत्थे चढ़ा है। एटीएस के मुताबिक गिरफ्त में आया दलाल सेना का बर्खास्त जवान है। उसकी गिरफ्तारी सोमवार को पकड़े गए दिलीप गिरि उर्फ विष्णुलाल भट्टराई से मिली जानकारी के बाद हो सकी।  दिलीप फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सेना में भर्ती होने में सफल हो चुका था।  कोर्ट ने दोनों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यूपी एटीएस को यह सूचना मिली थी कि वाराणसी के 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर में जनवरी 2016 में हुई सेना भर्ती में कुछ विदेशी लोग गलत-नाम पते से चयनित हो गए हैं।  इसकी जांच में दिलीप गिरि, शिवांश बालियान और मनोज कुमार बस्नेत के नाम प्रकाश में आए। 

इन तीनों के द्वारा सेना में भर्ती के वक्त दिए गए चरित्र और निवास प्रमाण पत्र फर्जी निकले।  वे किसी दूसरे की पहचान पर भर्ती हुए थे। तीनों के खिलाफ थाना एटीएस में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। 16 अक्टूबर को तीनों के खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी किया था। एटीएस ने उन पर निगाह लगा रखी थी और सोमवार को इनमें से एक दिलीप गिरि को वाराणसी से अरेस्ट कर लिया गया।  पूछताछ में पता चला कि दिलीप गिरि का असली नाम विष्णुलाल भट्टराई है। वह नेपाल के रूपनदेई जिले का निवासी है। 
आईजी असीम अरुण के मुताबिक दिलीप उर्फ विष्णुलाल ने बताया कि उसकी भर्ती चंद्र बहादुर खत्री नाम के दलाल ने कराई थी।  यह जानकारी मिलने के बाद एटीएस टीम ने सोमवार देर रात कैंट इलाके में रहने वाले दलाल चंद्र बहादुर खत्री को अरेस्ट कर लिया।  चंद्र बहादुर ने पूछताछ में बताया कि वह 1982 में गोरखपुर स्थित गोरखा रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। वर्ष 1991 में उसे सेना से बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी के बाद चंद्र बहादुर वाराणसी सेना रेजिमेंट के आसपास किराये पर मकान लेकर रहने लगा।  नेपाल से सेना में भर्ती होने के लिये आने वाले युवक उसके निशाने पर रहते थे। 39 जीटीसी सेना रेजिमेंट वाराणसी में नेपाल से आने वाले युवकों से संपर्क कर उनके फर्जी स्थानीय निवास, चरित्र और शैक्षिक प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठता था और उन्हें सेना में भर्ती कराता था। 

Comments