!! राशन कार्ड सूची में गड़बड़ी, अमीर इन-गरीब आउट
!! इस गड़बड़झाला में विभाग की लापरवाही उजागर हुई
!! सूची से पात्रों के नाम नदारद
!! आलीशान कोठियों और लक्ज़री गाड़ियों के मालिकों का नाम मौजूद
!! सूची में एक ही व्यक्ति के नाम कई कई बार
!! शिकायतकर्ताओं ने इसके लिये कोटेदारों को ज़िम्मेदार बताया है और उन पर धन उगाही का आरोप भी लगाया है
रवि शंकर वर्मातहलका 24 x 7
जौनपुर के शाहगंज नगर क्षेत्र की राशन कार्ड सूची में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सूची में से पात्रों के नाम नदारद हैं, जबकि आलीशान कोठियों और लक्ज़री गाड़ियों के मालिकों का नाम मौजूद है। पुराना चौक क्षेत्र के कुछ शिकायतकर्ताओं ने इस बाबत जन शिकायत प्रकोष्ठ के ज़रिये जिलाधिकारी से शिकायत की है और सूची के स्थलीय सत्यापन की मांग उठाई है। शिकायतकर्ताओं ने इसके लिये कोटेदारों को ज़िम्मेदार बताया है और उन पर धन उगाही का आरोप भी लगाया है।
आपूर्ति विभाग की ओर से गरीबों और निम्न आय वर्ग के लोगों को सस्ते अनाज की आपूर्ति के लिये बनवाई गई राशन कार्ड सूची अक्सर विवादों में रहती है। ताज़ा मामला नगर क्षेत्र के पुराना चौक निवासियों से जुड़ा है, जिनके मुताबिक स्थानीय कोटेदार ने कई पात्रों का नाम राशन कार्ड सूची से कटवा दिया और उसकी जगह तमाम अमीर परिवारों के नाम डलवा दिये। इन लोगों ने इस बाबत जिलाधिकारी से शिकायत भी की है और स्थलीय सत्यापन की मांग की है।
इस बाबत बीते बुधवार को शिकायतकर्ताओं ने आपूर्ति निरीक्षक से भी मुलाकात की और अपनी दिक्कत साझा की। शिकायतकर्ताओं का सीधा आरोप है कि कोटेदार ने पात्रों की बजाय अपात्र अमीर परिवारों का नाम सूची में दर्ज कराया है। चूंकि ये परिवार सस्ता राशन नहीं खरीदते लेकिन कोटेदार द्वारा कागजयों में हेरफेर कर आपूर्ति विभाग से राशन उठा लिया जाता है और उसकी कालाबाज़ारी की जाती है। आरोप ये भी है कि एक ही अमीर परिवार में पांच राशन कार्ड तक बना दिये गये लेकिन तमाम गरीब पात्र परिवारों को सूची में जगह नहीं दी गई, जबकि पहले वाली सूची में उनके नाम दर्ज थे। इन लोगों ने कोटेदार द्वारा शिकायत करने पर अभद्रता किये जाने का आरोप भी लगाया।
इस बाबत तहलका 24 x 7 द्वारा जिला आपूर्ति अधिकारी के दूरभाष संख्या 7839564816 पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुअा। तब शाहगंज तहसील के आपूर्ति निरीक्षक मनीष कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि राशन कार्ड की सूची में सरकार के मानक अनुरूप सर्वे करके पात्रों का नाम शामिल किया जाता है। सर्वे और सूची के सत्यापन का कार्य लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं अध्यापक करते हैं। फिर यह पूछे जाने पर कि जब सत्यापन के बाद ही सूची तैयार की गयी तो इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कैसे हो गयी तो आपूर्ति निरीक्षक संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक पात्रों के चयन का कार्य मिलीभगत करके बिना सर्वे के ही कर लिया गया। सर्वे करने के लिये कोई भी टीम उन तक नहीं पहुंची और शिकायत के बाद भी इसी तर्ज पर सत्यापन करके लीपापोती की कोशिश की जाती है।



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