!! एक फिल्म जो आम आदमी की जबान बनने जा रही है

!!  एक फिल्म  जो आम आदमी की जबान बनने जा रही है

अम्बारी(आजमगढ़)
सिद्धेश्वर पाण्डेय
 तहलका 24 x 7      
                          कहते हैं सोने से तपकर कुन्दन बन जाता है। जिसका मूल्य बेशकीमती होता है। एकलव्य फिल्मस एंड टेलीविजन मुबंई के बैनर तले निर्मित फिल्म पहल निश्चित रूप से सोने से कुन्दन बनने की कसौटी पर खरा उतरने की तैयारी में है। जिस फिल्म के विषय मे माह दो माह के निर्माण का आंकलन लगाया गया था। उसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म बनाने के प्रयास में आज लगभग वर्ष भर पूर्ण होने को आ रहा है। मगर हमें समय की बंदिश से कोई परेशानी नही है। हमे सर्वश्रेष्ठ देना है हमारा ऐसा प्रयास है ।
विगत दिनो जब हिमाचल की वादियों मे फिल्म "पहल" के मधुर तराने गूंज रहे थे तो शूटिंग स्थल पर शायद ही कोई होगा जिसने केवल गीतों को सुनकर फिल्म की प्रशंसा नही की हो। ऊपर से राजशेखर साहनी का तो वहां हर कोई दीवाना हो गया । ऐसा माहौल और लोगों की प्रतिक्रिया साबित करती है कि हमारा प्रयास सार्थक है। निश्चित रूप से हम फिल्म "पहल" के माध्यम से  बालीवुड मे सफलतापूर्वक  प्रवेश करने जा रहे हैं।

!! प्रचलित फिल्मी फार्मूला को बदलने वाली फिल्म है

                                                     एकलव्य फिल्मस एंड टेलीविजन मुबंई के बैनर तले निर्मित फिल्म पहल की शूटिंग उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की वादियों में संपन्न हो चुकी है । कम बजट की फिल्म होने के बावजूद मीडिया में जिस प्रकार पहल चर्चित हुई है,  उससे आड़ियंस में फिल्म के प्रति  काफी आकर्षण बढा है । यद्यपि फिल्म के निर्माता और निर्देशक फिल्म का प्रोमो आदि अभी भी रिलीज करने से बच रहे हैं मगर मीडिया ने लोगों मे फिल्म के प्रति काफी जिज्ञासा बढा दी है। वैसे भी मीडिया किसी भी अलग प्रयोग को हाथों-हाथ लेता है। फिल्म पहल को लेकर भी मीडिया ने ऐसी ही प्रतिक्रिया प्रकट की । विश्वस्त सूत्रों की माने तो फिल्म पहल बालीवुड के फिल्मी फार्मूलों के विपरीत जाकर निर्मित हुई है । इससे फिल्म पहल के प्रति काफी सस्पेंस बढ गया है ।
                         फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसमें राजशेखर साहनी जैसे थियेटर के बड़े कलाकारो की उपस्थिति भी है। राजशेखर साहनी नाटककार भीष्म साहनी के हानुश नाटक से काफी प्रसिद्धि बटोर चुके हैं । उनका जींवत अभिनय और एक समान्य युवा छात्र का किरदार फिल्म "पहल" को नये परिपेक्ष्य की तरफ ले जाने का स्पष्ट संकेत है। फिल्म पहल दर्शकों को संभवत उन दशकों की सैर करायेगी जिसमे उनके बुजुर्गो ने समय गुजारा है ।
                        अभी फिल्म पहल के पोस्ट प्रोडक्शन का कार्य चल रहा है। संभवत शीघ्र ही निर्माता पहल का ट्रेलर रिलीज कर देंगे । इससे लोगों की फिल्म की कहानी को लेकर उहापोह पर कुछ विराम लगेगा । मगर जिस प्रकार अभी तक पहल की कहानी को गोपनीय रखा गया है ,उससे लोगों में दिलचस्पी जरूर बढी है । निर्माता रामसूरत बिंद भी अपने साक्षात्कार के दौरान इस विषय पर बोलने से बचते रहे हैं । मगर अब कुछ ही माह के बाद पहल रूपहले पर्दे पर प्रदर्शित होगी तो लोगों के मन में चल रहे कई सवालों के जवाब  स्वत हल हो जायेंगे ।
                     

Comments

  1. आजमगढ़ के राजापुर सिकरौर गांव से संबंध रखने वाले राजशेखर साहनी ने वर्धा विश्वविद्यालय महाराष्ट्र से एम ए आर्ट ऑफ परफॉर्मेंस की डिग्री लेकर मुंबई की माया नगरी में फिल्म पहल से प्रवेश कर रहे हैं । पहल नशा मुक्ति अभियान को गति प्रदान करेगी और शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार के रास्ते दिखलाएगी साथ साथ समाज को स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करेगी ऐसा एकलव्य फिल्म्स एंड टेलीविजन मुंबई का मानना है ।

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