जौनपुर : गज़ब है भाई! खोल दी मधुशाला और बंद करी है आरोग्य शाला...

जौनपुर : गज़ब है भाई! खोल दी मधुशाला और बंद करी है आरोग्य शाला...


धरती के भगवान के दर पर विनती कर रहे मरीज, हार्ट अटैक व ब्रेन हेमरेज के मरीज हो रहे सबसे अधिक परेशान


चार जनपद के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं शाहगंज, बंद हास्पिटलों से जनता हो रही हलकान


शाहगंज।
एख़लाक खान
तहलका 24x7
                  सरकार द्वारा निजी नर्सिंग होम, चिकित्सालय को बंद कर शराब की दुकानें खोले जाने से सरकार की नीति पर सवालिया निशान लगा दिया है। जीवन को बचाने वाले आरोग्य शालाओं को बंद कर मधुशाला खोलकर आखिरकार सरकार क्या संदेश देना चाह रही है? लोगों के मुख से बरबस ही निकल रहा है.. गज़ब है भाई! खोल दी मधुशाला, बंद करी है आरोग्य शाला...



प्राइवेट अस्पतालों व क्लीनिक बंद होने की वजह से जनपद के साथ साथ समीपस्थ जनपदों सुल्तानपुर, आजमगढ़, अंबेडकर नगर की सीमा क्षेत्रों के मरीज धरती के भगवान के दर से निराश लौट रहे हैं। समय से उपचार न उपलब्ध हो पाने से हृदय रोग, गुर्दा रोग, लीवर, लकवा, फालिज, मष्तिष्क आघात, प्रसूता महिलाओं व अन्य गंभीर रोग से ग्रसित मरीजों की जान पर आफत है। फिलहाल प्रशासन के आदेश पर प्राईवेट अस्पतालों पर ताला लटके हैं। मरीज व तीमारदार प्राइवेट चिकित्सक व चिकित्सालय के कर्मियों से मिन्नत करते दिखाई पड़ रहे हैं।


बताते चलें कि चिकित्सा सेवा के लिए शाहगंज में जनपद के अलावा सुल्तानपुर आजमगढ़ अंबेडकर नगर आदि से बड़ी तादात में मरीज पहुंचते हैं। कोरोना संक्रमण के बीच प्रशासन में जनपद के प्राइवेट चिकित्सालय व क्लीनिक को बंद करने का आदेश दिया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि सामान्य व गंभीर मरीजों का उपचार सरकारी अस्पताल व जनपद मुख्यालय के पांच प्राइवेट अस्पताल ही अधिकृत होंगे। पांच प्राइवेट अस्पताल के नाम भी प्रशासन ने विज्ञप्ति के माध्यम से प्रसारित किया। अब क्षेत्र के अलावा समीपस्थ आजमगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर के हृदय रोग, गुर्दा रोग, लीवर, लकवा, फालिज, मष्तिष्क आघात, ब्रेन प्रसूता महिलाओं व अन्य गंभीर रोग से ग्रसित मरीजों की जान पर आफत आ रही है। 


उपचार के लिए प्राइवेट चिकित्सालय व क्लीनिक पर पहुंचने वाले मरीज व उनके तीमारदार परेशान हो रहे हैं। जो चिकित्सक व चिकित्साकर्मियों की विनती करते नजर आ रहे हैं। प्रशासन के आदेश की वजह से चिकित्सक उपचार कर पाने में असमर्थता जता रहे हैं। कहीं कहीं तो तीमारदार चिकित्सक व उनके कर्मियों से उलझते नजर आ रहे हैं और कहासुनी करते हुए अभद्रता भी करने लगते हैं। डॉक्टर के सामने आगे कुआं और पीछे खाई नजर आ रही है। प्रशासन को इस समस्या की ओर ध्यान देने की जरूरत है।

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